काशी में मासन होली, रंगों और उल्लास का एक अद्भुत मेल है। यह पारंपरिक त्योहार, होलिका दहन के बाद मनाया जाता है, जो कि अक्सर मासन गाँव में प्रसिद्ध है। यहां, लोग एक-दूसरे पर गुलाल से भरे हुए, ढोलक और नगाड़ों की धुन पर मस्ती करते हैं। यह एक खास सांस्कृतिक अनुभव है, जो पर्यटकों और स्थानीय जनता को समान रूप से लुभाता का एक अद्वितीय अभिज्ञान है। यह रीति-रिवाज मासान पाँचमी को मनाया जाता है, जो त्यौहार से पहले आता है। यह दिन स्थानीय आबादी के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है और इसमें अद्भुत रंग-बिरंगे उत्सव शामिल होते हैं। जनता एक-दूसरे को रंगों से रंगते हैं, बजाते हैं, और उल्लास करते हैं। यह त्यौहार का एक अद्भुत स्वरूप है जो वाराणसी की पारंपरिक विरासत को प्रस्तुत करता है। यह सच्चमुच एक यादगार क्षण होता है।
मासन होली: परंपरा और आनंदमासन होली: रीति-रिवाज और मज़ामासन होली: प्रथा और खुशी
मासन होली, त्योहार का एक अनोखा रूप है, जो देश के कुछ भागों में मनाया जाता है। यह प्रथा मुख्य रूप से देहाती इलाकों में मिली जाती है, जहाँ लोग उत्तेजना के साथ इसे पालन करते हैं। लोग एक दूसरे पर वर्णों से रंग डालते हैं, और खुशी मनाते हैं। मासन होली एक पुराना पीढ़ी से चली आ रही है, और इस अपनी अपनी संस्कृति का अहम हिस्सा है।
बनारस में मासं होली की धूम
वाराणसी में मासन की होली का अनोखा रंग देखने को मिला। पूरे शहर में masan holi varanasi इस पावन पर्व के अवसर पर लोग खुशी से झूम रहे हैं। परंपरागत अनुसार, यह होली फाल्गुन मास की अंतिम तिथि को मनाई जाती है और इसमें अति रंग देखने को मिलते हैं। युवाओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाए और {मिठाई|पंगत|भोजन) का आनंद लिया। इस होली की खासियत यह है कि इसमें स्थानीय संगीत और नृत्य का भी आयोजन किया जाता है, जिससे माहौल और खुशनुमा हो जाता है।
मसन होली : वाराणसी की विशेष विशेषता
वाराणसी, जो कि प्राचीन काल से ही अध्यात्म और संस्कृति का केंद्र रहा है, अपनी अनूठी "मासन होली" के लिए भी जाना जाता है। यह त्योहार, मुख्य रूप से वाराणसी के प्राचीन उत्तरी क्षेत्र, जैसे कि जगतपुरा, सीरगोवर्धन और अस्सी घाट के आसपास मनाया जाता है। आम होली के ख़त्म होने के बाद, मासन होली का जश्न होता होता है, जो लगभग एक महीने तक चलता है। इस दौरान, रंग-बिरंगे रंगों के साथ-साथ, मासन (मिट्टी के बने हुए बड़े ढोल) बजाए जाते हैं, जो इस त्योहार को एक अलग रूप देते हैं। यह एक अनूठा अनुभव है, जो पर्यटकों को वाराणसी की स्थानीय परंपरा को जानने और अनुभव करने का मौका देता है। मासन होली, वाराणसी की आध्यात्मिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण अंश है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग उपस्थित होते हैं।